पटना....बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी 70 वीं पुनर्परीक्षा की मांग कर रहे बीपीएससी अभ्यर्थियों को देश के चर्चित चुनावी रणनीतिकार रह चुके जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर यानी पीके का समर्थन मिला गया है। पीके ने 28 दिसंबर 2024 को राजधानी पटना में गर्दनीबाग स्थित धरनास्थल पर पहुंचकर दूसरी बार छात्रों से बात कर आंदोलन को नई दिशा देने की रणनीति को अंतिम रुप दिया है। बीपीएससी 70वीं पुनर्परीक्षा को लेकर आज(29 दिसंबर को) पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में छात्र संसद लगाया जायेगा। जहां इसमें पुनर्परीक्षा की मांग कर रहे बीपीएससी अभ्यर्थी भी शामिल होंगे। इस बात की घोषणा छात्र के साथ-साथ जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भी किया है। चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर ने बीपीएससी छात्रों की उपस्थिति में कहा कि 29 दिसंबर को राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में बापू यानी गांधी जी की मूर्ति के नजदीक ’छात्र संसद’ लगाया जायेगा। जहां इसमें सभी छात्र भाग लेंगे और वहीं हम लोग आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। इसके बाद हम अपने आंदोलन की रणनीति भी तय करेंगे। छात्रों से बात करने के बाद प्रशांत किशोर ने इस बात की घोषणा की है। प्रशांत किशोर व छात्रों ने उन सभी लोगों को इस छात्र सांसद में आने का न्यौता दिया है, जो इस आंदोलन को अपना समर्थन दे रहे हैं या फिर देना चाह रहे हैं। प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में कोई भी परीक्षा नहीं है जो बिना किसी अनियमितता, भ्रष्टाचार, पेपर लीक के संपन्न हो जाये। उन्होंने आगे कहा कि रविवार यानी 29 दिसंबर को पटना के गांधी मैदान में हम सभी लोग साथ में बैठकर एक साथ छात्र संसद में आगे की रणनीति को तय करेंगे। ये तय किया जायेगा कि कैसे बिहार के बच्चों के भविष्य को पुलिस के सहारे वर्तमान नीतीश सरकार की मनमानी से बचाया जा सके। जो भी निर्णय लिया जायेगा उस पर हम सभी लोग पूरी ईमानदारी से छात्रों के साथ खड़े रहेंगे। यह आंदोलन छात्रों का है इसका नेतृत्व भी छात्रों का ही रहेगा, इस आंदोलन में हमारी
भूमिका सिर्फ इतनी है कि हम छात्रों के साथ अपनी पूरी ताकत से खड़े रहेंगे, अगर पुलिस प्रशासन छात्रों को किसी प्रकार से डराने व धमकाने का कोई प्रयास करेगा तो हम यानी जन सुराज पार्टी की ओर से और
बिहार के नागरिक होने के नाते अपनी पूरी ताकत से छात्रों के साथ खड़े रहेंगे। आगे प्रशांत किशोर ने कहा कि ये लोकतंत्र है और बिहार लोकतंत्र की जननी है, कोई नेता, कोई सरकार इसको लाठीतंत्र नहीं बना सकती है और अगर कोई नेता बनायेगा तो बिहार के छात्र, युवा, बुद्धिजीवी अपनी पूरी ताकत से अपने बच्चों और युवाओं के भविष्य के लिये खड़े होंगे।
दरअसल, 13 दिसंबर 2024 को आयोजित बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में सूबे बिहार की राजधानी पटना के बापू भवन के एकीकृत परीक्षा केंद्र में प्रश्न पत्र लीक होने की अफवाह फैल गयी थी, इसके बाद सैकड़ों अभ्यर्थियों ने विरोध दर्ज कराने के लिये परीक्षा का बहिष्कार भी किया था। बीपीएससी ने दावा किया कि ऐसी अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्व थे। इसके बाद बापू भवन में हुयी 70वीं एकीकृत प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर दिया है। शेष अन्य 911 परीक्षा केंद्रों पर हुयी परीक्षा के परिणाम के साथ ही इनके भी परिणाम जारी किये जायेंगे। हालांकि, बीपीएससी द्वारा आयोजित बापू परीक्षा भवन में परीक्षा देने वाले 9 हजार 969 अभ्यर्थी शामिल हुये थे। इसमें 5,000 से ज्यादा अभ्यर्थियों के लिये फिर से परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया है। छात्र परीक्षा को पूर्ण रूप से रद्द कराने की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में धरने पर बैठे हुये हैं। दूसरी ओर पटना सचिवालय थाना की डीएसपी अनु कुमारी का कहना है कि बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने के लिये अभ्यर्थी 18 दिसंबर से गर्दनीबाग के एक धरना स्थल पर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इन छात्रों को कुछ शिक्षकों द्वारा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भड़काया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि कई सोशल मीडिया हैंडल छात्रों को गुमराह कर रहे हैं और भड़का रहे हैं। 23 दिसंबर को एक अभ्यर्थी ने गर्दनीबाग अस्पताल में तोड़फोड़ तक की। 25 दिसंबर को सैकड़ों अभ्यर्थियों ने बीपीएससी कार्यालय को घेर लिया। बिना अनुमति के कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा की गयी, जिससे लोगों को असुविधा हुयी। प्रशासन ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिये हल्का बल प्रयोग किया है। लेकिन, किसी को कोई चोट नहीं आयी। डीएसपी अनु कुमारी ने यह भी बताया कि अभ्यर्थियों को भड़काने वालों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत गर्दनीबाग थाने में प्राथ
िकी दर्ज की गयी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि, राजधानी पटना के गर्दनीबाग में धरनास्थल पर बीपीएससी अभ्यर्थी अपनी मांग को लेकर इस कड़ाके की ठंड में भी 18 दिसंबर से ही धरने पर बैठे हैं। नीतीश सरकार के बेलगाम पुलिस की लाठियां खाकर भी छात्र लगातार 11 दिनों से धरनास्थल पर डटे हुये हैं और बीपीएससी 70वीं पीटी परीक्षा रद्द करने और सभी केंद्रों का पुनर्परीक्षा कराने की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भरोसा है। उनसे मिलकर बात करना चाहते हैं। 28 दिसंबर को गर्दनीबाग में धरनास्थल पर प्रशांत किशोर ने छात्रों से बातचीत करने के बाद कहा कि 29 दिसंबर से राजधानी पटना के गांधी मैदान में दोपहर 12 बजे से गांधी जी की मूर्ति के नीचे धरना प्रदर्शन होगा। इस कार्यक्रम को ’छात्र संसद’ नाम दिया गया है। इसको लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि हम अभ्यर्थियों का समर्थन करते हैं। छात्र संसद के दौरान 29 दिसंबर को वे खुद मौजूद रहेंगे। बच्चों के भविष्य का सवाल है। बिहार में कोई भी परीक्षा बिना पेपर लीक के नहीं होती है। इस समस्या को अब हमेशा के लिये खत्म करना है। छात्रों के इस आंदोलन को पहले से ही विभिन्न राजनीतिक दलों का भी पूरा समर्थन हासिल है। अभ्यर्थियों के समर्थन में देशभर में छात्रों के बीच आईकोन बने पटना के खान सर व रहमान सर के अलावा भारतीय लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, नवनिर्वाचित कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद, बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव, पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद डॉ.अखिलेश प्रसाद सिंह, जन सुराज पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मनोज भारती के बाद अब जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भी खुलकर इनका समर्थन किया है। उधर, लालू पुत्र नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हाल ही में एक पत्र लिखकर बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और पुनर्परीक्षा कराने की मांग की है। तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में लिखा है कि 13 दिसंबर 2024 को आयोजित बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा मे
कदाचार के उजागर होने पर राजधानी पटना स्थित बापू भवन के एकीकृत परीक्षा केंद्र में आयोजित परीक्षा को रद्द कर सिर्फ उस केंद्र की पुनर्परीक्षा आयोजित कराना, सरकारी नियुक्ति प्रक्रियाओं में व्याप्त संस्थागत भ्रष्टाचार को छुपाने की कोशिश भर है। ऐसी परिस्थिति में, समस्त अभ्यर्थियों के हित में परीक्षा आयोजन में सभी अभ्यर्थियों के लिये ‘लेवल प्लेइंग फील्ड’ उपलब्ध कराना सरकार एवं बीपीएससी की अहम जिम्मेवारी है, अलग-अलग तिथियों में अलग-अलग प्रश्न-पत्रों द्वारा आयोजित परीक्षा से अभ्यर्थियों के मेधा का सही मूल्यांकन संभव नहीं हो पायेगा।इस सिलसिले में ही जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक अलग पत्र लिखा है। अब देखना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस दिशा में कौन सा कदम उठाते हैं। यह तो वक्त आने पर ही पता चल सकता है।