नई दिल्ली: आने वाले तीन महीनों में भारतीय शेयर बाज़ार में लगभग 53 कंपनियों के प्री-लिस्टिंग लॉक-इन पीरियड समाप्त होने जा रहे हैं। इन कंपनियों के शेयरों की कुल कीमत लगभग 11 अरब डॉलर (करीब ₹91,000 करोड़) बताई जा रही है। लॉक-इन अवधि समाप्त होने का मतलब है कि इन कंपनियों के शुरुआती निवेशक और प्रमोटर अब अपने शेयर बेच सकेंगे। इससे बाज़ार में लिक्विडिटी बढ़ने की संभावना है, लेकिन साथ ही वोलैटिलिटी (अस्थिरता) भी बढ़ सकती है। विश्लेषकों का कहना है कि यह अवधि निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि बड़ी कंपनियों जैसे ब्लू-चिप स्टॉक्स और हाल ही में सूचीबद्ध स्टार्टअप्स के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।